India-Pakistan Cricket Policy 2026: पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव का असर क्रिकेट पर भी पड़ा है। भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान टीम भारत में कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलेगी। हालांकि, ICC टूर्नामेंट्स में दोनों टीमें आमने-सामने खेलती रहेंगी और मल्टीनेशनल आयोजनों में भागीदारी जारी रहेगी।
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच बीते साल अप्रैल में हुए पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में आई तल्खी का असर अब खेल जगत, खासकर क्रिकेट, पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। लंबे समय से राजनीतिक तनाव के चलते द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज पहले ही बंद थी, लेकिन अब भारत सरकार ने इस मुद्दे पर अपना रुख और स्पष्ट कर दिया है।
सरकार की नई नीति के अनुसार, पाकिस्तान की क्रिकेट टीम को भारत में किसी भी प्रकार की द्विपक्षीय सीरीज खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यानी आने वाले समय में भारत और पाकिस्तान के बीच कोई भी बाइलेटरल सीरीज भारत की सरजमीं पर आयोजित नहीं होगी।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के टूर्नामेंट्स को लेकर भारत ने संतुलित रुख अपनाया है। आधिकारिक अपडेट के मुताबिक, भारतीय टीमें और खिलाड़ी उन अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में हिस्सा लेते रहेंगे, जिनमें पाकिस्तान की टीम या खिलाड़ी भी शामिल होंगे। इसी तरह, यदि भारत किसी मल्टीनेशनल टूर्नामेंट की मेजबानी करता है, तो उसमें पाकिस्तान की टीम को भी भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
यह नीति साफ तौर पर दर्शाती है कि भारत सरकार खेल और कूटनीति के बीच संतुलन बनाए रखना चाहती है। जहां एक ओर द्विपक्षीय संबंधों में सख्ती बरती जा रही है, वहीं वैश्विक खेल आयोजनों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का सम्मान भी किया जा रहा है।
पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव इतना बढ़ गया था कि ICC टूर्नामेंट्स में खेले गए मुकाबलों के दौरान भी खिलाड़ियों के बीच पारंपरिक हैंडशेक जैसे दृश्य देखने को नहीं मिले। यह स्थिति दर्शाती है कि राजनीतिक हालात का असर खिलाड़ियों के व्यवहार और खेल भावना पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह रुख भविष्य में भी जारी रह सकता है, जब तक दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं हो जाते। फिलहाल, क्रिकेट प्रेमियों को भारत-पाकिस्तान के मुकाबले केवल ICC या अन्य बहुपक्षीय टूर्नामेंट्स में ही देखने को मिलेंगे।
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