तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव, AIADMK ने बीजेपी और NDA से अलग होने का फैसला लिया। विजय की TVK के उभार और चुनावी समीकरणों पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
AIADMK Breaks Alliance With BJP: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को जहां सरकार बनाने के लिए पर्याप्त समर्थन मिलने की खबरों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से अपना गठबंधन तोड़ने का फैसला कर लिया है। इसके साथ ही एआईएडीएमके के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से बाहर होने की भी चर्चा तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने के बाद एआईएडीएमके नेतृत्व ने गठबंधन की समीक्षा की और बीजेपी से अलग होने का निर्णय लिया। यह फैसला ऐसे समय आया है जब कुछ ही महीनों पहले दोनों दलों ने लंबे राजनीतिक अंतराल के बाद फिर से हाथ मिलाया था। उस दौरान बीजेपी ने तमिलनाडु में अपनी रणनीति को एआईएडीएमके के नेतृत्व के अनुरूप ढाला था ताकि राज्य में डीएमके को चुनौती दी जा सके।
उतार-चढ़ाव से भरा रहा बीजेपी-एआईएडीएमके का रिश्ता
बीजेपी और एआईएडीएमके के संबंध हमेशा से राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदलते रहे हैं। दोनों दलों के रिश्तों में कई बार नजदीकियां बढ़ीं तो कई बार दूरी भी देखने को मिली।
इस राजनीतिक रिश्ते का सबसे चर्चित मोड़ साल 1999 में आया था, जब तत्कालीन एआईएडीएमके प्रमुख जे. जयललिता ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। उस समय केंद्र की एनडीए सरकार लोकसभा में मात्र एक वोट से गिर गई थी। इसके बाद देश में मध्यावधि चुनाव कराने पड़े थे। यह घटना भारतीय राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों में गिनी जाती है।
इसके बाद कई वर्षों तक दोनों दल अलग-अलग रास्तों पर चलते रहे। हालांकि जयललिता के निधन के बाद जब एआईएडीएमके में आंतरिक विभाजन हुआ, तब पार्टी के अलग-अलग गुट बीजेपी के साथ बने रहे। बीजेपी ने भी दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एआईएडीएमके के साथ राजनीतिक तालमेल बनाए रखा।
2024 में अलग राह, 2026 में फिर साथ
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और एआईएडीएमके ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया था। दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर मतभेद सामने आए थे। हालांकि चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले और 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियां फिर बातचीत की मेज पर लौटीं।
डीएमके को सत्ता से बाहर करने के उद्देश्य से बीजेपी और एआईएडीएमके ने दोबारा गठबंधन किया। इस गठबंधन को तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा प्रयोग माना जा रहा था, लेकिन चुनावी नतीजों के बाद यह साझेदारी ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी।
विजय की एंट्री ने बदला राजनीतिक माहौल
तमिल सुपरस्टार विजय की राजनीति में सक्रिय एंट्री और उनकी पार्टी टीवीके को मिल रहे समर्थन ने तमिलनाडु की राजनीति को नई दिशा दे दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता ने पारंपरिक दलों के वोट बैंक पर असर डाला है। यही कारण है कि राज्य में पुराने गठबंधन तेजी से टूटते और नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।
एआईएडीएमके का बीजेपी से अलग होना आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति को और दिलचस्प बना सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बीजेपी राज्य में अपनी नई रणनीति क्या बनाती है और एआईएडीएमके भविष्य में किस राजनीतिक मोर्चे के साथ आगे बढ़ती है।
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