प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम को हाजीपुर का प्रसिद्ध मालभोग केला भेंट किया। वैशाली जिले के किसानों और बिहार के स्थानीय कृषि उत्पादों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान से खुशी का माहौल है।
PM Modi Gifts to Vietnam President To Lam: बिहार के वैशाली जिले के लिए यह बेहद गर्व और सम्मान का क्षण है। हाजीपुर का प्रसिद्ध मालभोग केला अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारत दौरे पर आए वियतनाम के राष्ट्रपति Tô Lâm को विशेष उपहार के रूप में हाजीपुर का मालभोग केला भेंट किया। प्रधानमंत्री की इस पहल को बिहार के स्थानीय कृषि उत्पादों और किसानों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इन दिनों वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम भारत के राजकीय दौरे पर हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, कृषि, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने को लेकर कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हो रही हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय परंपरा और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार के हाजीपुर के प्रसिद्ध मालभोग केले को विशेष उपहार के तौर पर चुना। इस कदम ने बिहार के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
हाजीपुर का मालभोग केला अपने खास स्वाद, सुगंध और पौष्टिक गुणों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। गंगा और गंडक नदी के मैदानी क्षेत्रों की उपजाऊ मिट्टी में उगने वाला यह केला वैशाली जिले की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा माना जाता है। जिले के हजारों किसान इसकी खेती से जुड़े हुए हैं और उनकी आजीविका का मुख्य आधार यही फसल है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस केले को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर प्लेटफॉर्म मिले तो किसानों की आय में बड़ा इजाफा हो सकता है।
हाजीपुर का रामाशीष चौक भी मालभोग केले की पहचान से जुड़ा हुआ है। “गेटवे ऑफ नॉर्थ बिहार” के नाम से प्रसिद्ध यह चौक अपनी विशाल केले की प्रतिमा के कारण दूर-दूर तक चर्चित है। यहां आने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए यह प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी रहती है और हाजीपुर की कृषि संस्कृति को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री द्वारा मालभोग केले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के बाद जिले के किसानों और व्यापारियों में खुशी का माहौल है। किसानों का कहना है कि इससे हाजीपुर के केले की मांग राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में बढ़ सकती है, जिससे उन्हें बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है। वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने भी इसे जिले के किसानों की मेहनत और समर्पण का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय कृषि उत्पादों को नई पहचान देने के साथ-साथ बिहार की कृषि क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सरकार की ओर से निर्यात और ब्रांडिंग को बढ़ावा दिया जाए, तो हाजीपुर का मालभोग केला आने वाले समय में बिहार की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान बन सकता है।
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