केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) एन एस राजा सुब्रमणि को भारत का अगला CDS और वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को नया नेवी चीफ नियुक्त किया।
Lt Gen NS Raja Subramani Appointed Next CDS: केंद्र सरकार ने देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए शनिवार को लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) एन एस राजा सुब्रमणि को भारत का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त करने की घोषणा की। इसके साथ ही वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का अगला प्रमुख यानी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ नियुक्त किया गया है। दोनों नियुक्तियों को भारत की सैन्य रणनीति और सुरक्षा ढांचे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि कार्यभार संभालने की तारीख से अगले आदेश तक डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स में भारत सरकार के सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभाएंगे। वर्तमान CDS जनरल अनिल चौहान 30 मई 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिसके बाद राजा सुब्रमणि यह पद संभालेंगे।
सैन्य अनुभव से भरपूर है राजा सुब्रमणि का करियर
लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि लंबे समय तक भारतीय सेना में विभिन्न अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वे 1 सितंबर 2025 से नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट में मिलिट्री एडवाइजर के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक सेना के वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में सेवाएं दी थीं।
उनका सैन्य करियर रणनीतिक और ऑपरेशनल दोनों स्तरों पर बेहद मजबूत माना जाता है। मार्च 2023 से जून 2024 तक वे सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त सैन्य रणनीति को मजबूती मिलेगी। राजा सुब्रमणि को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए PVSM, AVSM, SM और VSM जैसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान भी मिल चुके हैं।
कौन हैं नए नेवी चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन?
सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। वे 31 मई 2026 को आधिकारिक रूप से नेवी चीफ का पद संभालेंगे। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक रहने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में वाइस एडमिरल स्वामीनाथन मुंबई स्थित वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख हैं। उन्होंने 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया था। वे कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के विशेषज्ञ माने जाते हैं और नौसेना के कई अहम ऑपरेशनल तथा रणनीतिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय सैन्य संस्थानों से हासिल की उच्च शिक्षा
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने भारत और विदेश के कई प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (खड़कवासला), जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज (यूनाइटेड किंगडम), कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर (करंजा) और यूनाइटेड स्टेट्स नेवल वॉर कॉलेज (न्यूपोर्ट, रोड आइलैंड) के पूर्व छात्र रह चुके हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उनका तकनीकी अनुभव और समुद्री सुरक्षा मामलों की गहरी समझ भारतीय नौसेना को भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी।
सैन्य नेतृत्व में बदलाव को लेकर बढ़ी उम्मीदें
भारत की सुरक्षा चुनौतियों और बदलते वैश्विक रणनीतिक माहौल के बीच इन नियुक्तियों को बेहद अहम माना जा रहा है। नए CDS और नेवी चीफ से उम्मीद की जा रही है कि वे सैन्य आधुनिकीकरण, थिएटर कमांड और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णायक भूमिका निभाएंगे। देश की तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाने में भी इन नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।
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