West Bengal Violence: चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, उपद्रवियों की तुरंत गिरफ्तारी के सख्त निर्देश पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। CEC ज्ञानेश कुमार ने सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को गश्त बढ़ाने और हिंसा फैलाने वालों की तुरंत गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। राज्य में हत्या और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद आयोग ने जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने की बात कही है।
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद बढ़ती हिंसक घटनाओं को लेकर निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिंसा भड़काने, तोड़फोड़ करने और शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), कोलकाता पुलिस आयुक्त सहित सभी जिलाधिकारियों (DM), पुलिस अधीक्षकों (SP) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के अधिकारियों को लगातार गश्त पर रहने के आदेश दिए हैं। आयोग ने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाते हुए कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी दल या समूह से जुड़ा हो।
यह सख्त निर्देश उस समय जारी किए गए हैं जब राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा, हत्या और राजनीतिक कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। अधिकारियों के अनुसार, हालिया घटनाओं में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
इसी क्रम में मंगलवार को कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में एक राजनीतिक कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा।
निर्वाचन आयोग ने राज्य प्रशासन और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के बाद होने वाली हिंसा को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
![]()
