NEET 2026 परीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर इंतजार किया। परीक्षा शुरू होने के बाद ही आवास के लिए रवाना हुए।
NEET 2026: देशभर में आज लाखों छात्र-छात्राएं मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए। पेपर लीक जैसी आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी, विशेष चेकिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जिसने छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET परीक्षार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एक संवेदनशील फैसला लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल के दौरे से दिल्ली लौटे। उनका विमान दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। सामान्य रूप से एयरपोर्ट पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री अपने आधिकारिक आवास के लिए रवाना होते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अलग निर्णय लिया। सूत्रों के मुताबिक, दोपहर 2 बजे NEET परीक्षा शुरू होनी थी और इसी दौरान देश की राजधानी दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे। प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता था, जिससे परीक्षार्थियों को असुविधा होने की आशंका थी।
ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और एयरपोर्ट पर ही कुछ समय रुकने का निर्णय लिया। बताया गया कि उन्होंने परीक्षा शुरू होने और छात्रों के सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्र पहुंच जाने तक एयरपोर्ट से बाहर निकलने में विलंब किया। करीब 2 बजे परीक्षा शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री अपने आवास के लिए रवाना हुए। इस फैसले को छात्रों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी सुविधा के प्रति सरकार की प्राथमिकता के रूप में देखा जा रहा है।
देशभर में आयोजित NEET परीक्षा इस बार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो रही है। परीक्षा केंद्रों पर पहचान सत्यापन, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम सोशल मीडिया और जनचर्चा में सराहा जा रहा है। कई लोगों का मानना है कि छात्रों की सुविधा और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह निर्णय एक सकारात्मक संदेश देता है।
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