दिल्ली होटल अग्निकांड मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। छत तक जाने वाला कमरा बाहर से बंद था। होटल मालिक लवकेश बजाज को साकेत कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
Delhi Fire Tragedy: दिल्ली के होटल अग्निकांड मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई अहम खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों को मिले शुरुआती साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पता चला है कि होटल की छत तक पहुंचने वाला कमरा बाहर से बंद था। इस वजह से आग और धुएं से बचने के लिए लोगों के पास सुरक्षित निकास का विकल्प नहीं बचा और कई लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों से बाहर कूदने को मजबूर हो गए।
मामले में गिरफ्तार होटल मालिक लवकेश बजाज को साकेत कोर्ट ने चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस अब उससे होटल के संचालन, सुरक्षा इंतजामों और आग लगने के दौरान की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है।
हादसे के बाद मौके से फरार हो गया था होटल मालिक
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में लवकेश बजाज ने स्वीकार किया है कि हादसे के तुरंत बाद वह घटनास्थल से भाग गया था। उसने पुलिस को बताया कि घटना के बाद वह घबरा गया था और डर के कारण वहां से निकल गया। जांच में यह भी सामने आया है कि फरार होने के बाद वह अपने घर नहीं गया बल्कि विभिन्न स्थानों पर घूमता रहा। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हादसे के बाद आरोपी ने किसी से संपर्क किया था या नहीं और क्या उसने सबूतों को प्रभावित करने की कोई कोशिश की।
तीन साल पहले खरीदी थी जर्जर इमारत
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने लगभग तीन वर्ष पहले यह इमारत एक निजी पक्ष से खरीदी थी। उसके अनुसार, भवन पहले एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान के रूप में इस्तेमाल होता था और उस समय इसकी हालत काफी जर्जर थी। आरोपी का दावा है कि इमारत खरीदने के बाद उसमें होटल और गेस्ट हाउस से संबंधित गतिविधियां शुरू की गईं। हालांकि पुलिस यह जांच कर रही है कि भवन में किए गए निर्माण और बदलाव निर्धारित नियमों तथा स्वीकृत मानकों के अनुरूप थे या नहीं।
लाइसेंस और अनुमतियों की हो रही जांच
लवकेश बजाज ने पूछताछ में दावा किया है कि उसने बेड एंड ब्रेकफास्ट (BNB), पर्यटन और रेस्टोरेंट संचालन से संबंधित आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर रखी थीं। हालांकि पुलिस और संबंधित विभाग इन दावों की सत्यता की जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि होटल संचालन के लिए आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों, भवन नियमों और अन्य कानूनी शर्तों का पालन किया गया था या नहीं।
कमाई बढ़ाने के लिए बढ़ाए गए कमरे
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि होटल में कमरों की संख्या बढ़ाई गई थी। पुलिस को दिए गए बयान में उसने कहा कि व्यवसाय से अच्छी आय हो रही थी, जिसके चलते होटल की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया गया। जांचकर्ताओं को आशंका है कि अतिरिक्त कमरों के निर्माण और क्षमता विस्तार के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई हो सकती है। इसी पहलू को लेकर पुलिस दस्तावेजों, नक्शों और निर्माण संबंधी रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
होटल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में
आरोपी ने पुलिस को बताया है कि होटल के दैनिक संचालन की जिम्मेदारी स्टाफ को सौंप रखी गई थी और वह स्वयं सभी गतिविधियों की निगरानी नहीं करता था। इसके बाद जांच एजेंसियां होटल प्रबंधन, कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
कई पहलुओं पर केंद्रित है जांच
पुलिस फिलहाल आग लगने के कारणों, आपातकालीन निकास व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, भवन में किए गए निर्माण कार्यों और प्रशासनिक अनुमतियों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस कस्टडी के दौरान आरोपी से लगातार पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
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