ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बाद स्विट्जरलैंड में अहम वार्ता होने जा रही है। इस बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ गया है।
Iran-US Tensions Escalate: ईरान और अमेरिका के बीच हालिया तनाव के बीच घोषित सीजफायर अब एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच इस सप्ताह हुए अंतरिम समझौते के बाद अब अगली महत्वपूर्ण वार्ता स्विट्जरलैंड में होने जा रही है। हालांकि, सीजफायर के बावजूद क्षेत्रीय तनाव कम होता नहीं दिख रहा, क्योंकि ईरान ने इजरायल पर युद्धविराम के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
इसी बीच ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में चिंता बढ़ा दी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, जहां किसी भी तरह की रुकावट का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ता है।
ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, ईरानी वार्ताकारों की एक टीम अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर चर्चा के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हो चुकी है। यह यात्रा मूल रूप से शुक्रवार को निर्धारित थी, लेकिन बाद में स्थगित कर दी गई थी। अब नई परिस्थितियों के बीच इस वार्ता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाहेई ने कहा कि किसी भी समझौते की असली परीक्षा उसके कार्यान्वयन के दौरान होती है। उनके मुताबिक, कागज पर हुए समझौते तभी सफल माने जाएंगे जब जमीन पर उनका सही तरीके से पालन हो।
दूसरी ओर, अमेरिका ने भी इस वार्ता को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने पुष्टि की है कि अमेरिका के प्रमुख वार्ताकार Jared Kushner और Steve Witkoff पहले से ही स्विट्जरलैंड में मौजूद हैं। दोनों अधिकारी ईरान के परमाणु कार्यक्रम और युद्धविराम समझौते से जुड़े तकनीकी मुद्दों पर प्रारंभिक बातचीत कर रहे हैं। जेडी वेंस ने एक इंटरव्यू में कहा कि आने वाले कुछ दिनों में वार्ता निर्णायक दिशा ले सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका और ईरान के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया बेहद जटिल और संवेदनशील बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में रविवार से तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होगी। इस वार्ता में कतर के मध्यस्थ भी शामिल रहेंगे, जो दोनों देशों के बीच संवाद को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान की भूमिका भी अचानक चर्चा में आ गई है। पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi बिना किसी पूर्व आधिकारिक घोषणा के ईरान पहुंच गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह शनिवार को मशहद पहुंचे और इसके बाद तेहरान के लिए रवाना हुए।
ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, नकवी अपनी यात्रा के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ताओं की निगरानी करेंगे और वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि पाकिस्तान इस पूरे समझौते में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ और जमानतदार की भूमिका निभा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 48 से 72 घंटे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। एक तरफ स्विट्जरलैंड में कूटनीतिक वार्ता जारी रहेगी, वहीं दूसरी ओर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और इजरायल-ईरान तनाव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब पूरी दुनिया की नजर स्विट्जरलैंड में होने वाली इस अहम बैठक पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि सीजफायर स्थायी शांति की ओर बढ़ेगा या क्षेत्र एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ेगा।
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