पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद अमित शाह ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोपों पर पलटवार किया। कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।
Amit Shah Hits Back at Rahul Gandhi: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बड़ी जीत के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा जवाब देते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया है। कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में शाह ने कहा कि लगातार चुनावी हार से कांग्रेस बौखला गई है और अब जनता के जनादेश को स्वीकार करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर रही है।
दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि संसद में बीजेपी के “हर छठे सांसद” की जीत “वोट चोरी” की वजह से हुई है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि देश में पूरी तरह निष्पक्ष चुनाव हों, तो बीजेपी 140 सीटों तक भी नहीं पहुंच पाएगी। राहुल के इन आरोपों के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार तेज कर दिया है।
‘हार के बाद बहाने खोज रही कांग्रेस’
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस लंबे समय से देश के कई राज्यों में लगातार चुनाव हार रही है और हर हार के बाद वह किसी न किसी संस्था पर सवाल उठाने लगती है। शाह ने कहा कि कभी ईवीएम पर सवाल उठाए जाते हैं, कभी मतदाता सूची पर और कभी चुनावी प्रक्रियाओं को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के फैसले को स्वीकार करने की बजाय लोकतंत्र को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रही है।
शाह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है और राजनीतिक दलों को उसे सम्मानपूर्वक स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास अब ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
‘1967 से तमिलनाडु में कांग्रेस का मुख्यमंत्री नहीं’
कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए अमित शाह ने कई राज्यों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर हर चुनावी हार को “वोट चोरी” कहा जाए, तो कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि तमिलनाडु में 1967 के बाद उसका मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन पाया। इसके अलावा शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस 49 वर्षों से सत्ता से बाहर है, गुजरात में करीब 30 वर्षों से सत्ता नहीं मिली, जबकि बिहार, नागालैंड, सिक्किम, महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे राज्यों में भी कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से दूर है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कांग्रेस हर हार को चुनावी गड़बड़ी मानती है, तो उसके सहयोगी दलों को भी जवाब देना चाहिए, क्योंकि वे सभी विपक्षी गठबंधन का हिस्सा हैं। शाह ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक कमजोरियों पर विचार करने की जरूरत है, न कि हर बार लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की।
बीजेपी ने जीत को बताया ‘जनता का भरोसा’
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत जनता के भरोसे, संगठन की मेहनत और विकास की राजनीति की जीत है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता ने बदलाव और सुशासन के नाम पर बीजेपी को समर्थन दिया है। शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत करें।
कांग्रेस ने दोहराए आरोप
वहीं कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े होने की बात दोहराई है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कई सुधारों की जरूरत है। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि विपक्ष की आवाज उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है और सवाल पूछना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जरूरी होता है।
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी और तेज होती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
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