चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोपों को लेकर स्मृति ईरानी का पलटवार, बोलीं—हार के आत्ममंथन के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को बनाया जा रहा निशाना

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स्मृति ईरानी ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। खड़गे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की है।

Smriti Irani Hits Back at Congress: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनावी नतीजों पर आत्ममंथन करने के बजाय देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से बचना चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में ईरानी ने कांग्रेस द्वारा लाहौर कांग्रेस अधिवेशन के संदर्भ का उल्लेख किए जाने पर उसके ऐतिहासिक संदर्भों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस इतिहास के पन्ने खोल रही है, तो उसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गठन से जुड़े शुरुआती दौर और ए.ओ. ह्यूम की भूमिका का भी उल्लेख करना चाहिए।

ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज उसी चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है, जिसे देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया।

‘जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में नहीं, वहां चुनाव आयोग पर सवाल क्यों नहीं?’

ईरानी ने कांग्रेस के चुनाव आयोग संबंधी आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी चुनाव होते हैं, जहां भाजपा सत्ता में नहीं है। उन्होंने पूछा कि यदि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर व्यापक सवाल हैं, तो कांग्रेस इन राज्यों में हुए चुनावों को लेकर क्या रुख रखती है। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर भी कांग्रेस से सवाल किए और पूछा कि मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहने या दोबारा शामिल होने जैसे मामलों को लेकर पार्टी का क्या दृष्टिकोण है।

भाजपा नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, चुनावी पराजय के कारणों पर विचार करने के बजाय चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाना उचित नहीं है।

खड़गे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग की

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। खड़गे ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से सत्तारूढ़ पक्ष को लाभ पहुंच रहा है और उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग की। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकार, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूचियों में कथित डुप्लीकेट नामों, संदिग्ध पतों, एक ही पते पर बड़ी संख्या में दर्ज मतदाताओं और फॉर्म-6 से संबंधित सवाल उठाए हैं। खड़गे के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन मुद्दों को लेकर ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर प्रदर्शन भी किए हैं।

इस पूरे विवाद के बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूचियों की पारदर्शिता और राजनीतिक दलों की शिकायतों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस जहां चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बता रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने की राजनीति के रूप में पेश कर रही है।

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