ट्रंप का बड़ा दावा, टैरिफ नीति पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राष्ट्रीय सुरक्षा को बताया खतरा

0Shares

Donald Trump Warning: डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ नीति पर नकारात्मक फैसला अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा होगा।

वॉशिंगटन डीसी: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही टैरिफ नीति की समीक्षा को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखते हुए चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट उनकी व्यापक टैरिफ नीति के खिलाफ फैसला देता है, तो यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए “इतिहास का सबसे बड़ा खतरा” साबित हो सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान तेजी और मजबूती से लागू किए गए टैरिफ ने देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया था।

उनके अनुसार, इन टैरिफों ने न केवल उद्योगों की सुरक्षा की बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा में “भारी वृद्धि” भी की। उन्होंने आगे लिखा कि अमेरिका आज दुनिया का सबसे मजबूत अर्थतंत्र इसलिए बना क्योंकि टैरिफ लागू किए गए। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि केवल “अंधेरी और भयावह ताकतें” ही इन नीतियों को खत्म होते देखना चाहेंगी।

लोकप्रियता में गिरावट और महंगाई पर बढ़ता दबाव

जनवरी में ट्रंप के दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद उनकी लोकप्रियता रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। खासकर जीवन-यापन की लागत में लगातार बढ़ोतरी ने अमेरिकी नागरिकों में असंतोष को बढ़ाया है। कई लोग बढ़ती महंगाई के लिए टैरिफ नीति को आंशिक रूप से जिम्मेदार मानते हैं। सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में सालाना आधार पर मुद्रास्फीति बढ़कर 2.8% तक पहुंच गई। यह मुद्दा ट्रंप के समर्थक समूह MAGA आंदोलन में भी मतभेद पैदा कर रहा है। ट्रंप की पूर्व सहयोगी मार्जोरी टेलर ग्रीन, जिन्होंने बीते नवंबर में ट्रंप से दूरी बना ली थी, ने भी सार्वजनिक रूप से कहा कि राष्ट्रपति “सामर्थ्य (Affordability)” के मुद्दे पर पूरी तरह विफल रहे हैं।

कॉस्टको का कानूनी मोर्चा और कारोबारी विरोध

अमेरिका की दिग्गज रिटेल कंपनी कॉस्टको हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हुई है। दिलचस्प बात यह है कि यही कंपनी ट्रंप की टैरिफ नीति को चुनौती देने वालों में भी शामिल है। विरोधी पक्ष का तर्क है कि लगातार बढ़ते टैरिफ ने आयात-निर्यात लागत बढ़ा दी है, जिससे सामान महंगा हुआ और उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ा।

संवैधानिक वैधता पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई जारी

सुप्रीम कोर्ट ने 5 नवंबर से ट्रंप की टैरिफ नीति की संवैधानिक वैधता की जांच शुरू की है। अभी फैसले की तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक और आर्थिक हलकों में इस मामले को लेकर गंभीर बहस जारी है। कई बड़े कारोबारों और डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले राज्यों ने अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में याचिकाएँ दायर की हैं। उनका दावा है कि टैरिफ लगाना केवल कांग्रेस का अधिकार है और राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए टैरिफ “असंवैधानिक और अवैध” हैं।

ट्रंप का तर्क बनाम कानूनी चुनौती

जहाँ ट्रंप मानते हैं कि टैरिफ उनके आर्थिक और कूटनीतिक एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा थे, वहीं विरोधी पक्ष का कहना है कि इनसे व्यापार संतुलन तो नहीं सुधरा बल्कि महंगाई और उपभोक्ता पर बोझ बढ़ा। गौरतलब है कि अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर हैं, जिसका फैसला न केवल टैरिफ नीति बल्कि अमेरिका की आर्थिक दिशा और राजनीतिक परिदृश्य को भी महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *