T20 World Cup India vs West indies: ईडन गार्डन्स में संजू सैमसन की नाबाद 97 रन की पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें मजबूत कर लीं। कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर के भरोसे ने बदली मैच की तस्वीर।
कोलकाता: 1 मार्च 2026 की रात कोलकाता के ऐतिहासिक Eden Gardens में भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार बन गई। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए ‘वर्चुअल क्वार्टरफाइनल’ मुकाबले में Sanju Samson ने 97 रनों की नाबाद पारी खेलकर भारत को शानदार जीत दिलाई और टीम का सेमीफाइनल का रास्ता लगभग साफ कर दिया। इस पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला बल्कि उनके चयन पर उठ रहे सवालों का भी जोरदार जवाब दे दिया।
शुरुआत में मिला मौका, फिर टीम से बाहर
टूर्नामेंट की शुरुआत में Abhishek Sharma की गैरमौजूदगी में संजू सैमसन को नामीबिया के खिलाफ मौका मिला था। उस मैच में उन्होंने सिर्फ 8 गेंदों पर 22 रन बनाकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का संकेत दे दिया था। हालांकि इसके बावजूद अगले मुकाबलों में उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। इस दौरान अभिषेक शर्मा का फॉर्म भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे टीम की बल्लेबाजी पर दबाव बढ़ने लगा। सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें भी खतरे में पड़ गई थीं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ नहीं चला बल्ला
सेमीफाइनल की दौड़ मुश्किल होती देख टीम मैनेजमेंट ने बड़ा फैसला लिया। कोच Gautam Gambhir और कप्तान Suryakumar Yadav ने जिम्बाब्वे के खिलाफ ‘करो या मरो’ मुकाबले में संजू सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी। हालांकि इस मैच में संजू बड़ी पारी नहीं खेल पाए और 15 गेंदों में 24 रन बनाकर आउट हो गए। दूसरी ओर अभिषेक शर्मा ने अर्धशतक लगाकर अपने फॉर्म में वापसी का संकेत दिया। ऐसे में यह अटकलें लगने लगीं कि अगले मैच में संजू को फिर से बाहर बैठना पड़ सकता है।
कप्तान और कोच का भरोसा बना गेम चेंजर
वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे अहम मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने चौंकाने वाला लेकिन साहसिक फैसला लिया। कोच गंभीर और कप्तान सूर्या ने अपनी रणनीति नहीं बदली और अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन को ही ओपनिंग के लिए भेजा। यह फैसला जोखिम भरा जरूर था, क्योंकि इस मैच में हार का मतलब टूर्नामेंट से बाहर होना था। लेकिन कप्तान और कोच का भरोसा संजू के आत्मविश्वास में बदल गया।
97* की पारी से मैच पर भारत की मुहर
रन चेज के दौरान संजू सैमसन ने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। वेस्टइंडीज के स्पिन आक्रमण के खिलाफ उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 97 रन बनाए और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया। जब उन्होंने विजयी रन बनाया तो मैदान में जश्न का माहौल बन गया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सम्मान के तौर पर अपनी कैप उतारी और कोच गौतम गंभीर ने उन्हें गले लगाकर इस शानदार पारी की सराहना की।
नेतृत्व और भरोसे की जीत
यह जीत केवल एक बल्लेबाज की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि टीम मैनेजमेंट के भरोसे और रणनीति की भी बड़ी जीत थी। कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संजू सैमसन की क्षमता पर विश्वास जताया और दबाव भरे मुकाबले में उन्हें मौका दिया।
संजू ने उस भरोसे को न सिर्फ सही साबित किया, बल्कि एक ऐसी पारी खेली जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी। इस जीत के साथ भारत ने सेमीफाइनल की राह मजबूत कर ली है और टीम का आत्मविश्वास भी नई ऊंचाई पर पहुंच गया है।
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