Putin Declares End of Unipolar World: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बीजिंग में कहा कि अब एकध्रुवीय विश्व व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। BRICS और SCO बहुध्रुवीय दुनिया की राह दिखा रहे हैं।
बीजिंग: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को चीन दौरे के समापन पर एक बयान देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। प्रेस वार्ता के दौरान पुतिन ने स्पष्ट कहा कि अब “एकध्रुवीय विश्व व्यवस्था” का युग समाप्त होना चाहिए और दुनिया को “बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था” की ओर बढ़ना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी देश का वर्चस्व स्वीकार्य नहीं है और सभी राष्ट्रों को समान अधिकार और सम्मान के साथ विश्व व्यवस्था में भागीदारी करनी चाहिए।
पुतिन ने कहा, “एकध्रुवीय दुनिया अन्यायपूर्ण है। हम अपने रिश्तों को इस विचार के आधार पर विकसित कर रहे हैं कि दुनिया बहुध्रुवीय होनी चाहिए, जहां सभी देश बराबरी पर हों।” उन्होंने BRICS और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे संगठनों की भूमिका को इस नई व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण बताया और कहा कि धीरे-धीरे यह बदलाव आकार ले रहा है।
भारत और चीन की सराहना
पुतिन ने भारत और चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि आर्थिक ताक़त होना किसी देश को राजनीतिक या सुरक्षा मामलों पर हावी होने का अधिकार नहीं देता। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक व्यवस्था में किसी नए वर्चस्व की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
अमेरिका और पश्चिम पर परोक्ष हमला
रूसी राष्ट्रपति के इस बयान को यूक्रेन युद्ध पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापारिक नीतियों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। पुतिन ने नाम लिए बिना कहा कि पश्चिमी देशों की “एकध्रुवीय सोच” दुनिया को असमानता और टकराव की ओर ले जा रही है। खासतौर से अमेरिकी टैरिफ पर निशाना साधते हुए उन्होंने बताया कि भारत और चीन जैसे देशों को अनुचित शुल्कों का सामना करना पड़ रहा है। रूस का दावा है कि भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिसमें 25% अतिरिक्त शुल्क केवल रूसी तेल आयात की वजह से लगाया गया है।
मोदी से मुलाक़ात और ट्रंप चर्चा का उल्लेख
पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाक़ात का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि SCO सम्मेलन स्थल से होटल जाते समय कार यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई। इसी दौरान पुतिन ने मोदी को अलास्का में ट्रंप के साथ हुई अपनी हालिया चर्चा की जानकारी दी। पुतिन ने चीन यात्रा को “बहुत सकारात्मक” करार दिया और कहा कि सभी प्रतिभागियों द्वारा अपनाए गए दस्तावेज़ दूरदर्शी हैं और भविष्य की दिशा तय करने में मददगार साबित होंगे।
![]()
