Amid Iran–Israel Tensions: ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बातचीत की। भारत ने क्षेत्रीय शांति, तनाव कम करने और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा पर जोर दिया।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत भी सतर्क हो गया है। हालात की समीक्षा के लिए देर रात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसके बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात के शीर्ष नेताओं से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और जल्द से जल्द तनाव कम करने पर विशेष जोर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पहले संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने यूएई पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की और हमले में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है और मौजूदा हालात में तनाव कम करना बेहद जरूरी है।
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में संयुक्त अरब अमीरात में हुए ईरानी हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई है और 58 लोग घायल हुए हैं। घायलों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल बताया जा रहा है। इस घटना के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से भी फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तेजी से बदल रहे हालात पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की चिंताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने इस बातचीत के दौरान जल्द से जल्द संघर्ष को रोकने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना सभी देशों के हित में है।
भारत सरकार का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी असर डाल सकता है। यही वजह है कि भारत लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।
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