GST Council Big Decision: जीएसटी काउंसिल ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। जीवन बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी खत्म, 33 जीवन रक्षक दवाएं टैक्स फ्री, सीमेंट, वाहन, टीवी, एसी, डिशवॉशर और घरेलू सामान पर टैक्स घटाया गया।
नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल की बुधवार को हुई बैठक में आम उपभोक्ताओं और उद्योग जगत को राहत देने वाले बड़े फैसले लिए गए। बैठक के बाद देर रात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोषणा की कि अब जीएसटी स्लैब को सरल बनाया गया है और कई जरूरी वस्तुओं व सेवाओं पर कर में भारी कटौती की गई है। नया ढांचा 22 सितंबर से लागू होगा।
बीमा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिली राहत
काउंसिल ने सबसे बड़ा फैसला जीवन बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी को पूरी तरह से समाप्त करने का किया है। इसका लाभ टर्म लाइफ, यूलिप और एंडोमेंट सहित सभी प्रकार की व्यक्तिगत बीमा योजनाओं के ग्राहकों को मिलेगा। इसके अलावा, एंबुलेंस पर जीएसटी दर को 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है, जिससे अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को राहत मिलेगी।
खाद्य पदार्थ और दवाएं हुईं सस्ती
खाद्य वस्तुओं में अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर दूध, छेना, पनीर और सभी प्रकार की भारतीय रोटियों को जीएसटी मुक्त कर दिया गया है। वहीं 33 जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी 12% से घटाकर शून्य कर दिया गया है। नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, मक्खन, घी और संरक्षित मांस जैसी वस्तुओं पर अब केवल 5% जीएसटी लगेगा। सूखे मेवों पर कर को 12% से घटाकर 5% किया गया है।
निर्माण और वाहन क्षेत्र को राहत
सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। छोटे डीजल वाहनों, 350 सीसी से कम क्षमता वाली मोटरसाइकिलों, बसों, ट्रकों और तिपहिया वाहनों पर भी जीएसटी दर 28% से घटकर 18% हो गई है। ऑटो पार्ट्स पर एक समान 18% दर लागू होगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों की कीमतों में कमी
घरेलू एयर कंडीशनर और डिशवॉशर पर टैक्स घटाकर 18% कर दिया गया है। इसके अलावा टीवी, मॉनिटर, प्रोजेक्टर और सेट-टॉप बॉक्स पर भी जीएसटी 28% से घटकर 18% हो गया है। इससे इन उपकरणों की कीमतों में कमी आएगी।
नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों को प्रोत्साहन
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सोलर कुकर, सौर जल हीटर, पवन ऊर्जा उपकरण, बायोगैस संयंत्र और फोटोवोल्टिक सेल पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
लक्ज़री और हानिकारक उत्पादों पर सख्ती जारी
जहां एक ओर रोजमर्रा के सामान सस्ते होंगे, वहीं पान मसाला, सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों पर 40% टैक्स लागू रहेगा। इसी तरह शक्कर या अन्य मिठास युक्त कार्बोनेटेड पेय पदार्थ और फ्लेवर युक्त कैफीन ड्रिंक्स भी 40% जीएसटी स्लैब में रखे गए हैं।
गौरतलब है कि काउंसिल का यह फैसला महंगाई से जूझ रही आम जनता को बड़ी राहत देने वाला माना जा रहा है। खाद्य पदार्थों, बीमा, दवाओं, वाहनों और घरेलू उपकरणों पर टैक्स घटने से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम होगा, वहीं उद्योगों को भी बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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