कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हिंसक हमला, फायरिंग में कई लोगों की मौत, ईरान में नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू

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Attack on US Consulate in Karachi: कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हिंसक हमला और पुलिस फायरिंग में कई लोगों की मौत। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू, अमेरिका की कड़ी चेतावनी।

इस्लामाबाद: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच घटनाक्रम ने एक नया मोड़ ले लिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद क्षेत्रीय हालात और संवेदनशील हो गए हैं। इसी बीच पाकिस्तान के कराची शहर में स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खामेनेई की मौत के विरोध में बड़ी संख्या में लोग कराची में एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने अमेरिकी कॉन्सुलेट परिसर के बाहर नारेबाजी की और कथित तौर पर तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। कुछ वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किए गए, जिनमें उपद्रव और आगजनी जैसी घटनाएं दिखाई दे रही हैं। हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हालात काबू से बाहर होते देख सुरक्षा बलों ने फायरिंग की। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर भिन्न आंकड़े सामने आए हैं, जिनमें 8 से 10 लोगों की मौत और कई अन्य के घायल होने की बात कही जा रही है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है।

इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ईरान को चेतावनी दी कि यदि हमले तेज किए गए तो अमेरिका अभूतपूर्व जवाब देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

उधर, ईरान में सर्वोच्च नेतृत्व को लेकर संवैधानिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। देश के संविधान के अनुसार, 88 सदस्यीय निकाय Assembly of Experts नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगा। यह निकाय शिया धर्मगुरुओं से मिलकर बना होता है और इसके सदस्य जनमत के आधार पर चुने जाते हैं। कानून के तहत इस समिति को यथाशीघ्र नए सर्वोच्च नेता की नियुक्ति करनी होती है ताकि शासन व्यवस्था में स्थिरता बनी रहे।

विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा घटनाएं पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद तनाव को और गहरा कर सकती हैं। क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियों की प्रतिक्रियाओं पर आने वाले दिनों में स्थिति की दिशा निर्भर करेगी। फिलहाल कराची और तेहरान दोनों ही जगहों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।

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