20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च करेगी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, सोनम वांगचुक करेंगे नेतृत्व

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कॉकरोच जनता पार्टी 20 जुलाई को संसद मार्च निकालेगी। सोनम वांगचुक के नेतृत्व में पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज।

Parliament March on July 20: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि वह आगामी संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक एक विशाल और शांतिपूर्ण मार्च आयोजित करेगी। यह मार्च केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और देश में पारदर्शी एवं निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग को लेकर निकाला जाएगा। जंतर-मंतर पर कॉजपा का धरना अब 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इस आंदोलन को देशभर के छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है। इस पूरे अभियान को एक नई दिशा तब मिली जब प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने भी इसका समर्थन करते हुए 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया।

सोशल मीडिया के जरिए भावुक अपील
बुधवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में वांगचुक ने देश की जनता से इस मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि कई लोग उन्हें अनशन खत्म करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इससे उन छात्रों की समस्याएं खत्म हो जाएंगी, जो परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण मानसिक दबाव झेल रहे हैं। वांगचुक ने अपने संदेश में कहा, “मेरे लिए अनशन तोड़ना आसान है, लेकिन क्या इससे उन बच्चों की परेशानियां खत्म हो जाएंगी, जिन्होंने इस सिस्टम से तंग आकर आत्महत्या जैसा कदम उठाया? अगर आज हम नहीं जागे, तो आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है।”

प्रणाली सुधार पर उठे सवाल
उन्होंने देश की मौजूदा शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि सिस्टम को सुधारने की लड़ाई है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक पारदर्शिता नहीं आएगी, तब तक छात्रों का भरोसा इस व्यवस्था से उठता रहेगा।

स्वास्थ्य को लेकर चिंता, फिर भी दृढ़ संकल्प
अपनी गिरती सेहत का जिक्र करते हुए वांगचुक ने कहा कि फिलहाल वह खुद को मजबूत महसूस कर रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। इसके बावजूद उन्होंने साफ कहा कि वह अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “अगर आप सच में चाहते हैं कि मैं स्वस्थ रहूं और यह आंदोलन सफल हो, तो केवल सोशल मीडिया पर संदेश भेजने से काम नहीं चलेगा। आपको सड़कों पर उतरना होगा और संसद तक पहुंचकर अपनी आवाज उठानी होगी।”

सोफे से उठिए और संसद चलिए’
वांगचुक ने नागरिकों, खासकर छात्रों और अभिभावकों से 20 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचने और संसद तक मार्च में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नीतियों में बदलाव केवल संसद में ही संभव है और जनता की भागीदारी से ही यह बदलाव आएगा। इस प्रस्तावित मार्च को लेकर राजधानी में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि 20 जुलाई को यह आंदोलन किस स्तर तक पहुंचता है और क्या सरकार इस पर कोई ठोस कदम उठाती है।

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